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वास्तुशास्त्र और फेंगसुई सलाहकार आचार्य भावेश विरमगामा भारतीय वास्तु सलाहकार वास्तु और फेंगसुई सेवा वेबसाइट में आपका स्वागत करते हे : कुछ कम ज्ञान वाले वास्तु शास्त्री लोगो के मन में अन्धविश्वास जगा के कुछ भी तोड़फोड़ करवाके पिरमिड और यंत्रो डलवाके ठगते हे इस लिए लोगे की जागृति के लिए यहाँ मार्गदर्शन के रूप में ये वेबसाइट पर जानकारी प्रदान कर रहे हे. वास्तु एक विज्ञान है। वास्तु की सुंदरता यह है कि आपको मामूली परिवर्तनों को शामिल करके लाभान्वित किया जा सकता है, जो आपके जीवन में बड़े बदलाव करता है। यह एक बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए वातावरण में एक ताल और संतुलन बनाता है। हम वास्तु शास्त्र सेवाओं के क्षेत्र में अग्रणी हैं और सर्वोत्तम जानकारी के लिए सेवाएं प्रदान करते हैं जो आपकी आवश्यकताओं के अनुरूप उपयुक्त हैं। सरल शब्दों में यह आवास या वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए निर्माण का विज्ञान है, यह एक वास्तुशिल्प कला निर्माण इंजीनियरिंग है. केवल धन हमें मानसिक शांति प्रदान नहीं करता है। आप वास्तुशास्त्र और फेंगसुई के सुझावों का पालन करके शांति, धन, लोकप्रियता, स्नेह, प्यार, व्यापार, धन आदि प्राप्त कर सकते हैं,

यदि आप एक लोकप्रिय और प्रसिद्ध सर्वश्रेष्ठ वास्तु सलाहकार के निर्देशों का पालन करते हैं तो आपको लाभ हो सकता है। हम पैसे कमा सकते हैं लेकिन हम जीवन की शांति का लाभ नहीं उठा सकते हैं। असली वास्तु विशेषज्ञ हमेशा अपने ग्राहकों को अच्छे भविष्य की शुभकामनाएं देता है। जो लोग बीमार स्वास्थ्य, ऋण, झगड़े, अदालत के मामलों, संपत्ति के नुकसान, परिवार के सदस्यों की गलतफहमी, पारिवारिक जीवन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं, विवाद, निराशा और तनाव केवल शांतिपूर्ण अस्तित्व की ओर देख रहे हैं। निराशाजनक लोग नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, उन सब लोगो को वास्तुशास्त्र के सलाहकार आचार्य भावेश विरमगामा ने  फेरबदल करवा के फायदा करवाया हे.

आचार्य भावेश विरमगामा ने १९९० में बीकॉम की डिग्री प्राप्त करके १९९१ में मशीनरी स्पेर पार्ट्स का अपना खुद का व्यवसाय चालू किया फिर खाफी महेनत के बाद भी उनकी तरक्की  नहीं हो पा रही थी जब उनको पता चला की वास्तुशास्त्र और फेंगसुई एक सायन्स हे और भवन, एपार्टमेंट, फैक्टरी, ऑफिस, दुकान, गोडाउन, होटल, रेस्टॉरेन्ट, हॉस्पिटल, पेट्रोलपंप, स्कुल, कॉलेज, मोल और फार्महाउस  में फेरबदल करने से काफी फायदा होता हे.तब से उनकी रूचि वास्तु में बढ़ गई और उन्होंने तय किया की वास्तु शिख कर वो खुद का और जान पहचान वालो क़ो वास्तु दोष सुधार कर के उनको फायदा करायेंगे. १९९६ से वास्तुशास्त्र और फेंगसुई का अभ्यास शुरू  किया था. ५० से ज्यादा वास्तु शास्त्र की पुस्तके से अभ्यास किया दूसरे वास्तुशास्त्री से मिल के वास्तुशास्त्र का २ साल तक अध्ययन किया फिर भी उतना फर्क नहीं पड रहा था. फिर उनका एक वश्तुशास्त्री गुरूजी से परिचय हुवा. और उनके तरीके से २ साल अध्ययन किया और और उसके बाद अपने तरीके से दूसरे ३ साल में  वास्तुशास्त्र का संसोधन कर के अध्ययन करके रैकी और पेंडलूम विद्या शिख कर न दिखाई देने वाली नकारात्मक ऊर्जा का अध्ययन किया और दूसरे नए संसोधन में बिताये तब जा के उन्हें वास्तु शास्त्र में १००% परिणाम मिला तब तक उन्होंने ६००  से ज्यादा लोगो का फ्री में वास्तु सुधार करके उनको फायदा उपलब्ध करा चुके थे. आचार्य भावेश विरमगामा ने पिरामिड, और दूसरे काफी यंत्रो का काफी साल तक अध्ययन किया हे .जिससे मालुम पड़ा की  उससे कोई फायदा नहीं होता इस लिए उनकी सलाह हे की पिरामिड, क्रिस्टल और दूसरे

वास्तुशास्त्र और फेंगसुई सलाहकार आचार्य भावेश विरमगामा भारतीय वास्तु शास्त्र से संबंधित मूल्यवान सेवाएं और परामर्श प्रदान करते  है। वास्तु दिशा का विज्ञान है जो प्रकृति के सभी तत्वों को जोड़ता है और उन्हें एक सकारात्मक वातावरण में स्वास्थ्य, धन, समृद्धि और खुशी को बढ़ाने के लिए संतुलित करता है। आचार्य भावेश विरमगामा  २० साल से इस सकारात्मक सद्भाव को फैला रहे है।आचार्य भावेश विरमगामा  ने कई परियोजनाओं में अपनी विशाल परामर्श सेवाएं प्रदान की हैं। आचार्य भावेश विरमगामा ने वास्तुशास्त्र और फेंगसुई के अनुसार व्यावसायिक समाधानों और व्यापारिक जगहों को सुसंगत बनाने में माहिर हैं. और उन्होंने काफी भवन, एपार्टमेंट, फैक्टरी, ऑफिस, दुकान, गोडाउन, होटल, रेस्टॉरेन्ट, हॉस्पिटल, पेट्रोलपंप, स्कुल, कॉलेज, मोल और फार्महाउस वास्तु सुधार करवाया हे. जिनमें से १८०० से ज्यादा लोगों को अपनी सेवाओं से लाभान्वित किया है

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२००२ की साल से वास्तुशास्त्र और फेंगसुई सलाहकार आचार्य भावेश विरमगामा  ने  वास्तुशास्त्र और फेंगसुई के व्यवसाय की शुरुआत की और अभी तक १८०० से ज्यादा सम्पति का  वास्तुदोष सुधार किया हे २००३ में उन्होंने स्वरविद्या का अध्ययन करने में ५ साल लगे. स्वरविद्या सीखने के बाद वो कोई भी नकारात्मक ऊर्जा  को जान सकते थे और किसी भी प्र्श्न का उत्तर भी जान सकते थे और इनका लाभ आज तक सबको देते आये हे. उनको घर, बंगलो, अपार्टमेंट, फॅक्टरी या कोई भी मिलकत का वास्तु देख के बता सकते हे की उसमे क्या दोष हे. यानि की उसमे रहनेवालो को कोनसी बीमारी हे, व्यवसाय या नौकरी में दिक्कते आ रही हे, आर्थिक परिस्थिति बिगड़ रही हे, बच्चे नहीं हो रहे, लड़की की शादी नहीं हो रही हे, डाइवोर्स  हो गया हे या होगा, और घर में कलेह कलेश हे. और इन सभी के वास्तु दोष का निराकरण करते हे.

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             वास्तुशास्त्र और फेंगसुई सलाहकार आचार्य भावेश विरमगामा कहते हे की वास्तु शास्त्र का ज्ञान आप पुस्तक में से लो या किसी से भी शिख लो मगर वो सही हे या गलत वो पता करो. वास्तु शास्त्र शिखने के लिए आपको निरिक्षण करना चाहिए की जो आपने शिखा हे वो सही हे नहीं उसके लिए आप जहा रेहते हो उसके आसपास जो दस बीस साल से रहते हे उनके घर, ऑफिस, या कारखाने का परीक्षण करो और पता करो के शिखा हे वो सही या गलत और ये पाच से सात साल के निरिक्षण के बाद ही किसी के वास्तुदोष सुधार करने जाना चाहिए. क्युकी वास्तुदोष की समय मर्यादा तिन से सात, सात से चौदा और चौदा से इक्कीस साल की होती हे.

            हमारे प्रत्येक ग्राहक की जरूरतों पर अविभाज्य ध्यान देते हैं। विशाल डिजाइन तैयार होने से पहले सभी आवश्यक व्यवसाय विवरणों को ध्यान में रखा जाता है। हालांकि, भौतिक परिवेश को समृद्ध करने के लिए हमारी सभी विशाल सिफारिशें और मार्गदर्शन सर्वोत्तम रूप से प्रदान करते हैं। यदि आप फ्लैट्स, भूमि या अन्य साइटों जैसे किसी भी संपत्ति को खरीदने का फैसला करते हैं तो हम मूल्यवान सुझाव भी प्रदान करते हैं। यह आपकी पसंद का स्वर्ग बनाने में आपकी सहायता करने का हमारा मुख्य प्रयास है. जहा आप सुख शांति से पूरा जिवन बिता सकते हे.